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एमएमआरसीएल के बोर्ड डायरेक्टर का बिज़नेस क्लास की हवाई यात्रा का रु 14.50/- लाख खर्च

महाराष्ट्र सरकार के खजाने में पैसे की किल्लत होने से  मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री खर्च में बचत की सूचना हमेशा देते हैं लेकिन मेट्रोे से एमएमआरडीए क्षेत्र को जोड़ने के लिए प्रयासरत मुंबई मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड के (एमएमआरसीएल) बोर्ड डायरेक्टर इकोनोमी क्लास के बजाय बिज़नेस क्लास से हवाई यात्रा कर रहे हैं। इसपर रु 14.50/-  लाख खर्च होने की जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को एमएमआरसीएल ने दी हैं।

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने मुंबई मेट्रो रेल कारपोरेशन लिमिटेड के (एमएमआरसीएल) बोर्ड डायरेक्टर की  बैठक की जानकारी मांगते हुए हवाई जहाज की यात्रा और अन्य खर्च की जानकारी मांगी थी। एमएमआरसीएल की जन सूचना अधिकारी और विशेष कार्य अधिकारी प्र.दे.येरकुटवार ने कुल 9 बैठक की जानकारी मांगी थी। इसमें से 4 बैठक दिल्ली और 5 बैठक मुंबई में हुई थी।  30 में से 24 बिज़नेस और 6 इकोनोमी क्लास से यात्रा की हैं। 24 बिज़नेस में से डॉ नितिन करीर और यूपीएस मदान के 3 यात्रा का खर्च सरकार ने किया हैं। साथ ही डी के जैन की हवाई यात्रा का खर्च का बिल उपलब्ध न होने का दावा किया हैं। टॉप 5 में नगरविकास विभाग के प्रधान सचिव डॉ नितिन करीर हैं जिन्होंने दिनांक 27 मई 2016 को बिज़नेस क्लास से किए यात्रा पर रु 74,269/-  इतनी रकम खर्च की गई हैं। उसके बाद एमएमआरडीए महानगर आयुक्त यूपीएस मदान रु 63,567/- , ए ए भट रु 61,802/- , एमएमआरसीएएल की प्रबंध संचालक अश्विनी भिडे रु 60,977 और झंजा त्रिपाठी रु 60,531/- ऐसी रकम खर्च की गई हैं।

# निवास और वाहन खर्च की जानकारी अधूरी

मुंबई और दिल्ली में निवास पर हुए पुरे खर्च की जानकारी एमएमआरसीएएल के रिकॉर्ड पर उपलब्ध नहीं हैं। दिनांक 6 दिसंबर 2014 को मुंबई स्थित एमएमआरडीए मुख्यालय में हुई बैठक के लिए 4 अधिकारियों के निवास पर रु 50,114/- इतनी रकम खर्च हुई हैं। वहीं मुकुंदकुमार सिन्हा रु 3048/- व रु 2180/-  और मधुसुदन प्रसाद रु 6097/- इतनी रकम निवास पर खर्च हुई हैं।। अन्य 26 
अधिकारियों के निवास के लिए किए गए खर्च की जानकारी नहीं दी। साथ ही 35 अधिकारियों मे से सिर्फ 8 अधिकारियों के वाहन पर किया गया खर्च रु 19,499/- इतना हैं। शेष जानकारी नहीं दी हैं।

अनिल गलगली के अनुसार राज्य की आर्थिक स्थिती ठींक नहीं होने से बचत की आवश्यकता हैं लेकिन आईएएस अधिकारी महंगी यात्रा पर रोक लगाने के बजाय पैसों की फिजूलखर्ची कर रहे हैं।  विडियो कांफ्रेंस से भी बैठक लेने या पूर्वनियोजित बैठक में रेल से यात्रा करने का विकल्प हैं, यह बताते हुए अनिल गलगली ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र भेजकर आईएएस अधिकारियों के महंगे खर्च पर लगाम कसने की मांग की हैं।

अनिल गलगली